
केंद्र की लापरवाही: झारखंड के लाखों गरीबों को PMAY का पैसा नहीं, घर बनाने का सपना टूटा!
दोस्तों, कल्पना कीजिए आपने सालों से मेहनत की, लेकिन घर बनाने का सपना बस सपना ही रह जाए क्योंकि सरकार की फाइलों में पैसा अटक गया है। यही हाल है झारखंड के लाखों गरीब परिवारों का! प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत केंद्र सरकार से मंजूरी नहीं मिल रही, और 2,510 करोड़ रुपये की राशि अब तक नहीं निकाली जा सकी। यह खबर रांची के ‘प्रगति संवाददाता’ अखबार से आई है, जो आम आदमी की परेशानी को बयां करती है।
झारखंड सरकार के विभिन्न विभागों – जैसे पंचायती राज, ग्रामीण विकास, वित्त और योजना – की ओर से PMAY आवास में जमा राशि निकालने की अनुमति नहीं दी जा रही। विगत विभाग की ओर से विभागों को पीएमएल आवास में राशि जमा करने की अनुमति नहीं दी गई है। ऐसे में योजना प्रभावित हो रही है। राज्य सरकार के कोष विभाग अपनी योजनाओं के लिए मिलने वाली राशि निकालने में असफल रहा है। ऐसे में योजनाओं के लिए निर्धारित समय पर खर्च करने में असफल रहते हैं। इससे जुड़े पद, नियम और ग्रामीण विकास समेत राज्य सरकार के अन्य विभाग की लगभग 1650 करोड़ रुपये की योजनाओं पर असर पड़ रहा है। विगत विभाग की ट्रेजरी एम्बार्गो पर उपलब्ध आंकड़ी के अनुसार, विभागों के आवास में कुल लगभग 7,530 करोड़ रुपये जमा हैं, जिसमें से 5,240 करोड़ रुपये खर्च किए गए। 2,510 करोड़ रुपये अभी भी शेष हैं।
यह सिर्फ आंकड़े नहीं, बल्कि उन परिवारों की कहानी है जो बारिश में टपकती छतों में रहते हैं, बच्चों को सुरक्षित घर नहीं दे पाते। केंद्र की अनदेखी से राज्य की योजनाएं रुक गईं, और गरीबों का इंतजार बढ़ता जा रहा। हाल ही में झारखंड ने अपनी ‘अबुआ आवास योजना’ शुरू की, जो PMAY से बाहर रह गए लोगों को घर देगी, लेकिन केंद्र की मदद के बिना कितना चलेगी?
अगर आप भी प्रभावित हैं, तो चुप न रहें! PMAY की स्थिति जांचें और आवाज उठाएं। महत्वपूर्ण लिंक:
- PMAY आधिकारिक वेबसाइट: pmay-urban.gov.in
- PMAY ग्रामीण: pmayg.gov.in
- झारखंड ग्रामीण विकास विभाग: applyrdd.jharkhand.gov.in
- झारखंड PMAY प्रोग्रेस: udhd.jharkhand.gov.in/pmay.aspx
- संसद में PMAY झारखंड पर रिपोर्ट: sansad.in PMAY-G PDF 3
- अबुआ आवास योजना: digivill.in/abua-awas-yojana 6

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