
बिरसा हरित ग्राम योजना: ग्रामीण हरियाली और रोजगार की नई क्रांति!
नमस्ते किसान भाइयों-बहनों! क्या आप झारखंड के ग्रामीण इलाकों में बंजर भूमि को हरा-भरा बनाने और अतिरिक्त आय कमाने का सपना देख रहे हैं? मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा 2020 में शुरू की गई बिरसा हरित ग्राम योजना (BHGY) आपके लिए सुनहरा अवसर है। यह योजना आदिवासी नेता बिरसा मुंडा के नाम पर है, जो महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) से जुड़ी हुई है। इसका लक्ष्य 2 लाख एकड़ से ज्यादा बेकार सरकारी भूमि पर वनीकरण करना, 5 करोड़ फलदार पौधे लगाना और कोविड के बाद प्रवासी मजदूरों को रोजगार देना है। अब तक 26,000 एकड़ से अधिक भूमि पर काम हो चुका है, और 2025 में कार्बन फाइनेंस फंड के जरिए 1 लाख से ज्यादा किसानों को सहायता मिल रही है। यह न सिर्फ पर्यावरण बचाती है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाती है! 19 9
योजना के उद्देश्य:
- बंजर भूमि (प्रति जिला 1400 एकड़) को फलदार बागों में बदलना, प्रदूषण कम करना और अर्थव्यवस्था बढ़ाना।
- प्रवासी मजदूरों, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए 25 करोड़ मानव-दिवस रोजगार सृजन।
- एसटी/एससी, महिलाओं और पिछड़े परिवारों को सशक्त बनाना, साथ ही कार्बन बाजार से फंडिंग के माध्यम से स्थायी विकास।
- मल्लिका आम, अमरूद, नींबू, अमरपाली, जैकफ्रूट, शरीफा और लेमनग्रास जैसे पौधों से हरियाली बढ़ाना। 23 5
पात्रता मानदंड:
- झारखंड के निवासी किसान, कम से कम आधा एकड़ भूमि के मालिक।
- प्राथमिकता: महिलाएं, बुजुर्ग विधवाएं, एसटी/एससी और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार।
- प्रवासी मजदूर और ग्रामीण गरीब शामिल हो सकते हैं। 19 23
लाभ और वित्तीय सहायता:
- प्रत्येक परिवार को 100-300 फलदार पौधे मुफ्त, 3 साल बाद ₹50,000 से ₹9,50,000 सालाना आय की संभावना।
- पौधरोपण, रखरखाव और भूमि कार्य MGNREGA के तहत, बाजार लिंकेज और ब्लॉक/जिला स्तर पर प्रसंस्करण इकाइयां।
- 5 साल तक पौधों की देखभाल में सहायता, प्रशिक्षण केंद्र और ‘बागवानी मित्र’ से मार्गदर्शन।
- कार्बन सेक्वेस्ट्रेशन फंड से 20 साल तक अतिरिक्त आय, अब तक 5 लाख परिवार लाभान्वित। 23 9 17
आवेदन प्रक्रिया:
- स्थानीय पंचायत विकास समिति कार्यालय से फॉर्म लें।
- फॉर्म भरकर जरूरी दस्तावेज संलग्न करें और ब्लॉक विकास अधिकारी (BDO) कार्यालय में जमा करें।
- जमा करने पर रसीद लें, जांच के बाद मंजूरी मिलेगी।
- वैकल्पिक: मुखिया, सखी मंडल या कृषक मित्र से संपर्क करें। आवश्यक दस्तावेज: आधार कार्ड, पैन कार्ड, आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, भूमि दस्तावेज, निवास प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक, पासपोर्ट साइज फोटो, मोबाइल नंबर। 23 1
यह योजना ग्रामीण भारत को हरा-भरा और समृद्ध बनाती है! अगर आप पात्र हैं, तो आज ही आवेदन करें और हरियाली के साथ कमाई का मजा लें। अधिक जानकारी के लिए: बिरसा हरित ग्राम योजना ऐप, झारखंड ग्रामीण विकास विभाग, माईस्कीम पोर्टल।