
सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना: बेटियों का उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित करने वाली क्रांतिकारी स्कीम!
नमस्ते दोस्तों! क्या आप अपनी बेटी की शिक्षा और सशक्तिकरण के लिए एक ऐसी योजना तलाश रहे हैं जो न सिर्फ आर्थिक मदद दे, बल्कि बाल विवाह जैसी कुरीतियों को भी रोके? झारखंड सरकार की सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना (SPKSY) आपके लिए वरदान साबित हो सकती है। यह योजना महान शिक्षिका सावित्रीबाई फुले के नाम पर शुरू की गई है, जो 2022 में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा लॉन्च हुई। इसका लक्ष्य 9 लाख किशोरियों की शिक्षा को बढ़ावा देना है, ताकि वे आत्मनिर्भर बनें और समाज में बराबरी का हक पाएं। 17
योजना के उद्देश्य:
- किशोरियों की शिक्षा को प्रोत्साहन देना और ड्रॉपआउट रोकना।
- बाल विवाह रोकना, लिंग न्याय सुनिश्चित करना।
- उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना।
- महिलाओं का सशक्तिकरण और जेंडर समानता को बढ़ावा।
यह योजना महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग द्वारा चलाई जाती है और अब तक 7 लाख से ज्यादा लड़कियों को फायदा पहुंचा चुकी है। 2
पात्रता मानदंड:
- झारखंड की निवासी छात्राएं (कक्षा 8 से 12 तक पढ़ने वाली बालिकाएं)।
- 18-19 वर्ष की अविवाहित किशोरियां एकमुश्त अनुदान के लिए पात्र।
- सभी वर्गों की लड़कियां आवेदन कर सकती हैं, लेकिन गरीब परिवारों को प्राथमिकता। 18
लाभ और वित्तीय सहायता:
- कक्षा 8 और 9: ₹2,500 प्रति वर्ष।
- कक्षा 10, 11, 12: ₹5,000 प्रति वर्ष।
- 18-19 वर्ष की उम्र पर: ₹20,000 का एकमुश्त अनुदान। कुल मिलाकर, एक बालिका को ₹40,000 तक की मदद मिल सकती है, जो सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर होती है। हाल ही में ₹219 करोड़ 5.52 लाख लड़कियों को वितरित किए गए! 17 18
आवेदन प्रक्रिया:
- ऑनलाइन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करें: savitribaipksy.jharkhand.gov.in।
- आंगनवाड़ी कार्यकर्ता या स्कूल के माध्यम से फॉर्म भरें।
- आवश्यक दस्तावेज: आधार कार्ड, बैंक पासबुक, जन्म प्रमाण पत्र, स्कूल सर्टिफिकेट की स्व-प्रमाणित कॉपी।
- फॉर्म बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO) कार्यालय में जमा करें। विस्तृत दिशानिर्देश के लिए PDF डाउनलोड करें: यहां क्लिक करें। 18 8
यह योजना न सिर्फ शिक्षा देती है, बल्कि सपनों को पंख! अगर आपकी बेटी पात्र है, तो आज ही आवेदन करें और उसके भविष्य को चमकाएं। अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट विजिट करें। याद रखें, बेटियां बोझ नहीं, राष्ट्र की शक्ति हैं!