झारखंड में जनजातीय शिक्षा योजनाएं: आदिवासी समुदायों के लिए एक नई दिशा
झारखंड, जहां आदिवासी समुदाय की आबादी लगभग 26% है, वहां शिक्षा की पहुंच को मजबूत करने के लिए कई योजनाएं चल रही हैं। ये योजनाएं केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा संचालित हैं, जो आदिवासी बच्चों की प्राथमिक से उच्च शिक्षा तक की बाधाओं को दूर करने पर केंद्रित हैं। गरीबी, भौगोलिक चुनौतियां और सांस्कृतिक अंतर जैसे मुद्दों को ध्यान में रखते हुए, ये कार्यक्रम छात्रवृत्ति, आवासीय स्कूल और कौशल विकास पर जोर देते हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इन योजनाओं से आदिवासी साक्षरता दर में सुधार हुआ है, लेकिन अभी भी बहुत काम बाकी है। इस लेख में हम झारखंड की प्रमुख जनजातीय शिक्षा योजनाओं पर चर्चा करेंगे, जो आदिवासी समुदायों को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
1. पलाश कार्यक्रम: आदिवासी शिक्षा को बढ़ावा
झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (JEPC) और UNICEF के सहयोग से चलाया जा रहा ‘पलाश’ कार्यक्रम आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा को मजबूत करने का एक अनूठा प्रयास है। यह कार्यक्रम ग्रामीण आदिवासी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने पर फोकस करता है, जिसमें डिजिटल लर्निंग टूल्स और शिक्षक प्रशिक्षण शामिल हैं। 2023 में शुरू हुआ यह कार्यक्रम अब लाखों बच्चों तक पहुंच चुका है। 1 अधिक जानकारी के लिए देखें: JEPC वेबसाइट।

2. झारखंड राज्य अनुसूचित जनजाति प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना
यह योजना कक्षा 1 से 10 तक के आदिवासी छात्रों को वित्तीय सहायता प्रदान करती है। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए ट्यूशन फीस, हॉस्टल खर्च और किताबों की व्यवस्था की जाती है। इसका उद्देश्य ड्रॉपआउट दर को कम करना है। 2 आवेदन के लिए: MyScheme पोर्टल।

3. एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS)
केंद्र सरकार की यह योजना आदिवासी बहुल ब्लॉकों में EMRS स्थापित करती है, जहां 50% से अधिक ST आबादी हो। झारखंड में 440 ऐसे स्कूलों की योजना है, जो कक्षा 6 से 12 तक मुफ्त शिक्षा, आवास और खेल सुविधाएं प्रदान करते हैं। 3 विवरण: ट्राइबल अफेयर्स मिनिस्ट्री।
4. मरंग गोमके जयपाल सिंह मुंडा ओवरसीज छात्रवृत्ति
यह योजना आदिवासी, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक और पिछड़े वर्गों के छात्रों को विदेश में मास्टर्स और एमफिल के लिए वित्तीय सहायता देती है। झारखंड निवासियों के लिए यह उच्च शिक्षा के द्वार खोलती है। 6 12 आवेदन: MGJSMS पोर्टल।
5. सरवा शिक्षा अभियान (SSA) और अन्य पहलें
SSA के तहत आदिवासी क्षेत्रों में विशेष फोकस है, जिसमें प्रायस और ज्ञान सेतु जैसे कार्यक्रम शामिल हैं। प्रायस गैर-स्कूली बच्चों को स्कूल लाने पर जोर देता है, जबकि ज्ञान सेतु शिक्षा स्तर सुधारता है। 4 14 इसके अलावा, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) आदिवासी लड़कियों के लिए आवासीय शिक्षा प्रदान करता है। 16 विवरण: SSA Jharkhand।
6. मनकी मुंडा छात्रवृत्ति और आश्रम स्कूल
मनकी मुंडा योजना आदिवासी लड़कियों को तकनीकी शिक्षा के लिए सहायता देती है। 19 आश्रम स्कूल अनुसूचित जनजातियों के युवाओं के लिए आवासीय शिक्षा प्रदान करते हैं। 10 अधिक: JSTCDC।
ये योजनाएं आदिवासी समुदायों को मुख्यधारा से जोड़ रही हैं, लेकिन क्रियान्वयन में सुधार की जरूरत है। अगर आप आदिवासी छात्र हैं, तो इन योजनाओं का लाभ उठाएं। अधिक जानकारी के लिए ऊपर दिए लिंक्स पर क्लिक करें और अपने दोस्तों के साथ शेयर करें। शिक्षा ही सशक्तिकरण की कुंजी है!