
कृषि ऋण माफी योजना: किसानों की मुश्किलें दूर, नई उम्मीदों का सवेरा!
नमस्ते किसान भाइयों और बहनों! क्या आप भी फसल ऋण के बोझ तले दबे हैं? मौसम की मार, कम पैदावार और बढ़ती लागत से परेशान हैं? झारखंड सरकार की कृषि ऋण माफी योजना (JKRMY) आपके लिए एक बड़ा सहारा है। 2020 में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा शुरू की गई यह योजना किसानों को आर्थिक संकट से उबारने का मजबूत माध्यम बनी है। अब तक 4.73 लाख से ज्यादा किसानों का 1,900 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज माफ हो चुका है, और 2024-25 में इसे 2 लाख रुपये तक बढ़ा दिया गया है। यह न सिर्फ ऋण माफी है, बल्कि किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक क्रांति! 18 20
योजना के उद्देश्य:
- किसानों के फसल ऋण बोझ को कम करना और नया ऋण लेने में मदद।
- कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना, पलायन रोकना।
- छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता देकर ग्रामीण विकास को बढ़ावा।
- वैकल्पिक खेती और आधुनिक तकनीकों को प्रोत्साहन।
यह योजना कृषि विभाग द्वारा संचालित है और हाल ही में सितंबर 2024 में 1.76 लाख किसानों का 400 करोड़ रुपये माफ किया गया। किसान भाई बताते हैं कि इससे让他们 नई फसल बोने का हौसला मिला, हालांकि विस्तृत केस स्टडीज कम हैं, लेकिन सरकारी घोषणाओं से साफ है कि यह जीवन बदल रही है! 16 22
पात्रता मानदंड:
- झारखंड के निवासी किसान जिनके पास मानक फसल ऋण (KCC) है।
- 31 मार्च 2020 तक के बकाया खाते, अब 2 लाख रुपये तक माफी।
- आयकरदाता, सरकारी कर्मचारी, पेंशनभोगी (10,000 रुपये से अधिक), डॉक्टर, इंजीनियर आदि अपात्र।
- एक राशन कार्ड पर एक ही लाभार्थी। 17
लाभ और वित्तीय सहायता:
- बकाया राशि 50,000 से 2 लाख रुपये तक माफ।
- सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर, कोई कागजी झंझट नहीं।
- नया ऋण लेने में आसानी, कृषि उत्पादकता बढ़ाने का मौका। 2025 में 6.63 लाख किसानों को लाभ देने का लक्ष्य! 12 18
आवेदन प्रक्रिया:
- ऑनलाइन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन: jkrmy.jharkhand.gov.in।
- आधार और राशन कार्ड से KYC कराएं (प्रज्ञा केंद्र पर 1 रुपये टोकन)।
- आवश्यक दस्तावेज: आधार कार्ड, बैंक पासबुक, राशन कार्ड, KCC विवरण।
- कृषक मित्र या बैंक से मदद लें, आवेदन ऑनलाइन सबमिट करें। अधिक जानकारी के लिए: झारखंड कृषि विभाग या विकासपीडिया। 0 17
यह योजना किसानों के सपनों को हकीकत बनाती है! अगर आप पात्र हैं, तो आज ही आवेदन करें और ऋण मुक्ति का जश्न मनाएं। याद रखें, किसान मजबूत तो देश मजबूत!