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गोगो दीदी योजना: झारखंड की महिलाओं को सशक्त बनाने की बीजेपी की बड़ी योजना – लेकिन क्या है इसका सच?

2024 के झारखंड विधानसभा चुनावों की गर्मी में, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने गोगो दीदी योजना की घोषणा की – एक चमकदार वादा, जिसने JMM की मइया सम्मान योजना को पछाड़ने की कोशिश की। कल्पना करें: हर पात्र महिला के बैंक खाते में हर महीने ₹2,100 जमा! बीजेपी ने यही सपना बेचा, जिसका लक्ष्य था महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता देना, परिवारों का समर्थन करना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना। अक्टूबर 2024 में बीजेपी नेता बाबूलाल मरांडी ने इसे प्रतीकात्मक रूप से लॉन्च किया, जिसमें 18-60 वर्ष की महिलाएं, जिनके परिवार की आय ₹3 लाख से कम है और आधार से जुड़ा बैंक खाता है, पात्र थीं। 1 31

लेकिन ट्विस्ट यह है – यह सिर्फ राजनीतिक वादा था, पैसा अभी तक नहीं आया। बीजेपी चुनाव हार गई, JMM ने 34 सीटें जीतीं, जबकि बीजेपी को 21 सीटें मिलीं, और हेमंत सोरेन मुख्यमंत्री बने रहे। 33 गोगो दीदी योजना एक चुनावी हथकंडा बनकर रह गई, जिसे कभी लागू नहीं किया गया। असली हीरो है JMM की मुख्यमंत्री मइया सम्मान योजना, जो अब ₹1,000 से बढ़कर ₹2,500 मासिक (18-50 वर्ष की कम आय वाली महिलाओं के लिए) हो गई है। 2025 में यह योजना नियमित रूप से किस्तें दे रही है – 13वीं किस्त जल्द आने वाली है, त्योहारी बोनस के साथ! 45 48 45 लाख से अधिक महिलाएं लाभ उठा रही हैं, जो साबित करता है कि सशक्तिकरण सिर्फ बातें नहीं हैं।

क्यों है हंगामा? गोगो दीदी ने महिलाओं के अधिकारों पर बहस छेड़ दी, यह दिखाते हुए कि पार्टियां वोट के लिए कल्याणकारी योजनाओं का कैसे इस्तेमाल करती हैं। आलोचकों ने इसे “वोटर जाल” कहा, तो समर्थकों ने इसे दूरदर्शी बताया। गरीबी के बीच घर चलाने वाली झारखंड की महिलाओं के लिए ऐसी योजनाएं जीवन बदल सकती हैं – अगर वे हकीकत बनें।

झारखंड की बहनों, वादों का इंतजार न करें; मइया सम्मान का लाभ उठाएं! आज ही आवेदन करें और सशक्तिकरण क्रांति में शामिल हों। इसे शेयर करें – महिलाओं की आवाज को वायरल करें!

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