
नीलाम्बर-पीताम्बर जल समृद्धि योजना: पानी, रोजगार और समृद्धि का नया दौर!
नमस्ते किसान भाइयों और ग्रामीण साथियों! क्या आप झारखंड के सूखाग्रस्त इलाकों में पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं? खेती के लिए पानी और रोजगार की तलाश है? नीलाम्बर-पीताम्बर जल समृद्धि योजना (NPJSY) आपके लिए वरदान है! मई 2020 में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा शुरू की गई यह योजना मनरेगा से जुड़ी है, जो जल संरक्षण, सिंचाई और ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा देती है। अब तक 1,97,228 योजनाएं पूरी हो चुकी हैं, और 2024-25 में ₹143.68 करोड़ के साथ 192 तालाबों, बांधों और जलाशयों का जीर्णोद्धार हो रहा है। यह योजना लातेहार, गढ़वा और पलामू जैसे सूखा प्रभावित क्षेत्रों में हरियाली और समृद्धि ला रही है! 16 17 18
योजना के उद्देश्य:
- जल संरक्षण: बारिश के पानी को रोकने के लिए लूज बोल्डर चेक डैम और ट्रेंच-कम-बंड बनाना।
- सिंचाई सुविधा: ड्रिप इरिगेशन और कुओं के जरिए खेती को बढ़ावा।
- रोजगार सृजन: मनरेगा के तहत ग्रामीणों को 25 करोड़ मानव-दिवस रोजगार।
- बंजर जमीन को उपजाऊ बनाना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना। 4 16
पात्रता मानदंड:
- झारखंड के ग्रामीण निवासी, विशेषकर सूखा प्रभावित क्षेत्रों के किसान।
- मनरेगा जॉब कार्ड धारक को प्राथमिकता।
- छोटे और सीमांत किसान, प्रवासी मजदूर। 4 18
लाभ और सहायता:
- 3,32,963 जल संरक्षण योजनाओं का लक्ष्य, अब तक 1,97,228 पूर्ण।
- चेक डैम और तालाबों से भूजल स्तर में सुधार, बंजर जमीन पर खेती शुरू।
- ड्रिप इरिगेशन से फसल उत्पादन बढ़ा, किसानों की आय दोगुनी।
- मनरेगा के तहत रोजगार, 4,000 पंचायतों में कार्य प्रगति पर। 2 16
आवेदन प्रक्रिया:
- स्थानीय पंचायत या ब्लॉक विकास अधिकारी (BDO) कार्यालय से फॉर्म लें।
- आवश्यक दस्तावेज: आधार कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, निवास और जमीन के कागजात।
- फॉर्म जमा करें, जांच के बाद कार्य शुरू। 4
यह योजना पानी और रोजगार की कमी को दूर कर रही है! अगर आप पात्र हैं, तो आज ही जुड़ें और अपने गांव को समृद्ध बनाएं। अधिक जानकारी के लिए: झारखंड ग्रामीण विकास विभाग, मनरेगा पोर्टल, योजना समाचार।