सोना सोबरन धोती-साड़ी वितरण योजना

सोना सोबरन धोती-साड़ी वितरण योजना: गरीब परिवारों के लिए मुफ्त पारंपरिक वस्त्र

झारखंड सरकार की सोना सोबरन धोती-साड़ी वितरण योजना गरीबी रेखा से नीचे (BPL) रहने वाले परिवारों को सस्ते दाम पर पारंपरिक वस्त्र उपलब्ध कराने का एक महत्वपूर्ण कदम है। यह योजना 2020 में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा शुरू की गई थी और 2025 में भी जारी है, जिसमें लगभग 60 लाख परिवारों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य है। योजना का मुख्य उद्देश्य गरीबों को आवश्यक कपड़े प्रदान करना, सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा देना और स्थानीय बुनकरों तथा हथकरघा उद्योग को मजबूत करना है। 0 1

योजना के उद्देश्य

  • BPL परिवारों को साल में दो बार धोती/लुंगी और साड़ी उपलब्ध कराकर उनकी आर्थिक मदद करना।
  • पारंपरिक वस्त्रों के उपयोग को प्रोत्साहित कर सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना।
  • स्थानीय कारीगरों को रोजगार देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना।

पात्रता मानदंड

  • झारखंड के स्थायी निवासी होना चाहिए।
  • गरीबी रेखा से नीचे के परिवार, जिनके पास वैध राशन कार्ड (गृहस्थ, अंत्योदय अन्न योजना या ग्रीन राशन कार्ड) हो।
  • 18 वर्ष से अधिक आयु के पुरुष और महिलाएं।
  • शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के BPL परिवार योग्य हैं। 14 15

लाभ और वितरण

  • साल में दो बार (गर्मी और सर्दी के मौसम में) वितरण होता है।
  • प्रत्येक बार एक साड़ी (महिलाओं के लिए) और एक धोती/लुंगी (पुरुषों के लिए) ₹10 प्रति आइटम के नाममात्र मूल्य पर दी जाती है।
  • वितरण सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) दुकानों, ग्राम पंचायत भवन, ब्लॉक विकास कार्यालय या नगरपालिका कार्यालयों से होता है।
  • 2025 में योजना 26 जून से 31 दिसंबर तक सक्रिय है, और प्रमुख त्योहारों से पहले वितरण किया जाता है।

आवेदन प्रक्रिया

  • कोई ऑनलाइन आवेदन नहीं; सीधे PDS दुकान या वितरण केंद्र पर जाएं।
  • आवश्यक दस्तावेज: राशन कार्ड (अनिवार्य), आधार कार्ड और निवास प्रमाण।
  • पंजीकरण के बाद मौके पर ही वस्त्र प्राप्त करें।
  • अधिक जानकारी के लिए स्थानीय पंचायत या ब्लॉक अधिकारी से संपर्क करें।

यह योजना न केवल जरूरतमंदों की मदद करती है बल्कि झारखंड की सांस्कृतिक धरोहर को जीवित रखती है। अगर आप योग्य हैं, तो तुरंत लाभ उठाएं और अपने पड़ोसियों को भी बताएं – साझा करें और बदलाव लाएं!

महत्वपूर्ण लिंक