
पीएम विश्वकर्मा: कारीगरों का सुनहरा सफर, आज से नई ऊंचाइयां छुएं – आप भी बनें हिस्सा!
कभी सोचा है, आपके घर की लकड़ी की मेज या हस्तशिल्प की वो थाली, किस कारीगर की मेहनत से बनी है? वो लोग, जो सालों से अनदेखे हीरो बने रहते हैं, आज पीएम मोदी के विजन से चमक रहे हैं! ‘पीएम विश्वकर्मा’ योजना ने कारीगरों को न सिर्फ सम्मान दिया, बल्कि लोन, ट्रेनिंग और टूलकिट से सशक्त बनाया। और आज, 17 सितंबर 2025 को भागलपुर, बिहार के इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में हो रहे एससी-एसटी हब महासम्मेलन में ये जश्न दोगुना हो जाएगा। सुबह 10:30 बजे शुरू होगा ये मेगा इवेंट – सम्मान, संमथ्य और सुभिदा का त्रयी उत्सव!
क्या है खास? आंकड़े जो दिल जीत लें:
- 30 लाख विश्वकर्मा पंजीकृत: सफल रजिस्ट्रेशन से हर कारीगर का सपना जुड़ा।
- 23 लाख को स्किल ट्रेनिंग: कौशल विकास से बाजार में नई ताकत।
- 5 लाख को ₹4,166 करोड़ लोन: सपनों को उड़ान देने वाले फंड।
- 8 लाख को टूलकिट: काम की शुरुआत आसान, बिना झंझट। एससी-एसटी हब में 1.5 लाख लाभार्थी, स्टार्टअप्स को 36% ज्यादा फंडिंग। पीएमईजीपी से 10 लाख लाभार्थियों को ₹28,333 करोड़ सब्सिडी और 86 लाख नौकरियां!
पीएम मोदी कहते हैं, “कारीगरों का कौशल बढ़ाकर हम गांवों को विकास का केंद्र बनाएंगे।” जीतन राम मांझी, सुबोध शर्मा जैसे नेता आज मुख्य अतिथि होंगे। ये सिर्फ सम्मेलन नहीं, बल्कि कारीगरों की आवाज है – जहां ट्रेनिंग वर्कशॉप, लोन मेला और सफलता की कहानियां साझा होंगी। अगर आप कारीगर हैं या सपोर्ट करना चाहते हैं, तो आज ही जुड़ें!
कैसे बनें पार्ट? आसान स्टेप्स:
- पोर्टल पर रजिस्टर: PM Vishwakarma Portal
- ट्रेनिंग बुक: स्थानीय हब से संपर्क।
- लाइव अपडेट: MyGov Portal पर फॉलो करें।
ये योजना सिर्फ योजना नहीं, जीवन बदलाव है। कल्पना कीजिए, आपका भाई-बहन अब गर्व से कहे – “मैं पीएम विश्वकर्मा हूं!” आइए, मिलकर कारीगरी को नई पहचान दें। शेयर करें, जुड़ें और बदलाव लाएं! #PMVishwakarma2025