Vir Shahid Poto Ho Khel

नमस्ते दोस्तों! क्या आप झारखंड के आदिवासी इलाकों में खेल प्रतिभाओं को निखारने और युवाओं को रोजगार देने वाली योजना की तलाश में हैं? मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा मई 2020 में शुरू की गई वीर शहीद पोटो हो खेल विकास योजना (VSPHKVY) एक ऐसी क्रांतिकारी स्कीम है, जो मनरेगा से जुड़ी हुई है। यह योजना आदिवासी शहीद पोटो हो के नाम पर है, जिसका लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में 5,000 से ज्यादा खेल मैदान बनाना है—हर पंचायत में कम से कम एक। अब तक 1,868 खेल मैदानों का निर्माण पूरा हो चुका है, और 2024-25 में यह आदिवासी युवाओं को खेल प्रशिक्षण व नौकरियां देकर सशक्त बना रही है। पोस्ट-कोविड प्रवासी मजदूरों के लिए यह योजना रोजगार का बड़ा स्रोत बनी है, जहां खेल के जरिए अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है! 4 6

योजना के उद्देश्य:

  • ग्रामीण और आदिवासी युवाओं में खेल प्रतिभा को बढ़ावा देना, बुनियादी ढांचा विकसित करना।
  • खेल मैदानों के निर्माण से रोजगार सृजन, विशेषकर मनरेगा के तहत।
  • युवाओं को प्रशिक्षण देकर नौकरियों में आरक्षण और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करना।
  • खेलों से एकता बढ़ाना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को उबारना। 1 18

पात्रता मानदंड:

  • झारखंड के ग्रामीण निवासी, विशेषकर आदिवासी युवा, प्रवासी मजदूर और बेरोजगार।
  • मनरेगा जॉब कार्ड धारक को प्राथमिकता।
  • खेल में रुचि रखने वाले युवा (18-35 वर्ष)। 18 19

लाभ और सहायता:

  • खेल मैदानों का निर्माण: प्रत्येक पर ₹2.80 लाख तक खर्च, 3 साल में आय सृजन।
  • युवाओं को कोचिंग, ट्रेनिंग और नौकरियां (कोच, ट्रेनर आदि)।
  • मनरेगा से 100 दिनों का रोजगार, खेल आरक्षण से सरकारी नौकरियां।
  • अब तक हजारों युवाओं को लाभ, ग्रामीण विकास में योगदान। 7 17

आवेदन प्रक्रिया:

  • स्थानीय पंचायत या ब्लॉक विकास अधिकारी (BDO) कार्यालय में फॉर्म भरें।
  • मनरेगा जॉब कार्ड से रजिस्ट्रेशन, आवश्यक दस्तावेज: आधार, निवास प्रमाण, जॉब कार्ड।
  • जांच के बाद मंजूरी, निर्माण कार्य शुरू। 22

यह योजना खेल प्रेमियों के सपनों को हकीकत बनाती है! अगर आप पात्र हैं, तो आज ही संपर्क करें और ग्रामीण भारत को मजबूत बनाएं। अधिक जानकारी: झारखंड ग्रामीण विकास विभाग, मनरेगा पोर्टल, योजना PDF, समाचार। 4 1

(शब्द गणना: 358)

वीर शहीद पोटो हो खेल विकास योजना: ग्रामीण युवाओं के लिए खेल और रोजगार की नई उड़ान!

नमस्ते दोस्तों! क्या आप झारखंड के आदिवासी इलाकों में खेल प्रतिभाओं को निखारने और युवाओं को रोजगार देने वाली योजना की तलाश में हैं? मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा मई 2020 में शुरू की गई वीर शहीद पोटो हो खेल विकास योजना (VSPHKVY) एक ऐसी क्रांतिकारी स्कीम है, जो मनरेगा से जुड़ी हुई है। यह योजना आदिवासी शहीद पोटो हो के नाम पर है, जिसका लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में 5,000 से ज्यादा खेल मैदान बनाना है—हर पंचायत में कम से कम एक। अब तक 1,868 खेल मैदानों का निर्माण पूरा हो चुका है, और 2024-25 में यह आदिवासी युवाओं को खेल प्रशिक्षण व नौकरियां देकर सशक्त बना रही है। पोस्ट-कोविड प्रवासी मजदूरों के लिए यह योजना रोजगार का बड़ा स्रोत बनी है, जहां खेल के जरिए अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है! 4 6

योजना के उद्देश्य:

  • ग्रामीण और आदिवासी युवाओं में खेल प्रतिभा को बढ़ावा देना, बुनियादी ढांचा विकसित करना।
  • खेल मैदानों के निर्माण से रोजगार सृजन, विशेषकर मनरेगा के तहत।
  • युवाओं को प्रशिक्षण देकर नौकरियों में आरक्षण और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करना।
  • खेलों से एकता बढ़ाना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को उबारना। 1 18

पात्रता मानदंड:

  • झारखंड के ग्रामीण निवासी, विशेषकर आदिवासी युवा, प्रवासी मजदूर और बेरोजगार।
  • मनरेगा जॉब कार्ड धारक को प्राथमिकता।
  • खेल में रुचि रखने वाले युवा (18-35 वर्ष)। 18 19

लाभ और सहायता:

  • खेल मैदानों का निर्माण: प्रत्येक पर ₹2.80 लाख तक खर्च, 3 साल में आय सृजन।
  • युवाओं को कोचिंग, ट्रेनिंग और नौकरियां (कोच, ट्रेनर आदि)।
  • मनरेगा से 100 दिनों का रोजगार, खेल आरक्षण से सरकारी नौकरियां।
  • अब तक हजारों युवाओं को लाभ, ग्रामीण विकास में योगदान। 7 17

आवेदन प्रक्रिया:

  • स्थानीय पंचायत या ब्लॉक विकास अधिकारी (BDO) कार्यालय में फॉर्म भरें।
  • मनरेगा जॉब कार्ड से रजिस्ट्रेशन, आवश्यक दस्तावेज: आधार, निवास प्रमाण, जॉब कार्ड।
  • जांच के बाद मंजूरी, निर्माण कार्य शुरू। 22

यह योजना खेल प्रेमियों के सपनों को हकीकत बनाती है! अगर आप पात्र हैं, तो आज ही संपर्क करें और ग्रामीण भारत को मजबूत बनाएं। अधिक जानकारी: झारखंड ग्रामीण विकास विभाग, मनरेगा पोर्टल, योजना PDF, समाचार